ग्रुप ट्रिप का ख़र्च कैसे बाँटें
दोस्तों के साथ ट्रिप में दर्जनों भुगतान होते हैं: महीनों पहले बुक किया होटल, ट्रेन टिकट, खाना, वॉटर स्पोर्ट्स जिनमें आधे ही गए। अगर सफ़र के दौरान ही बाँटते चलें, तो आख़िरी दिन का हिसाब दो मिनट में हो जाता है।
निकलने से पहले
जब सब उत्साह में हों, तभी दो बातें तय कर लीजिए। पहली, पूरी ट्रिप के लिए एक करेंसी: विदेश जा रहे हों तो तय कीजिए कि हिसाब रुपये में रहेगा या वहाँ की करेंसी में, ताकि कोई बीच रास्ते मन में कन्वर्ट न करता रहे। दूसरी, क्या-क्या साझा है। होटल और सफ़र आम तौर पर साझा होते हैं, खाना अक्सर। शॉपिंग और अपने लिए ख़रीदी चीज़ें नहीं।
ट्रिप से पहले चुकाए गए बड़े ख़र्च, जैसे होटल या साथ में बुक किए टिकट, उसी हिसाब में जाते हैं। अक्सर यही सबसे बड़ी रक़म होती है और यही सबसे आसानी से भूल जाती है।
ट्रिप के दौरान
हर ख़र्च उसी दिन लिखिए: रक़म, किसने दिया, और किस-किस के लिए था। ट्रिप में यह आख़िरी बात सबसे ज़रूरी है। हर कोई हर एक्टिविटी में नहीं जाता। किसी को उस ख़र्च से बाहर रखना जिसमें वह शामिल नहीं था, कंजूसी नहीं है; इसी से ट्रिप उस दोस्त के लिए भी सही रहती है जो चुपचाप उन चीज़ों के पैसे दे रहा होता है जो उसने इस्तेमाल ही नहीं कीं।
हर रात हिसाब करने से बचिए। पूरे हफ़्ते पैसे इधर-उधर भेजने से ही गलतियाँ होती हैं। लिखते रहिए, और हिसाब एक बार कीजिए।
उदाहरण: गोवा में चार दिन
| नाम | दिए | हिस्सा |
|---|---|---|
| अर्जुन | ₹20,500 | ₹9,000 |
| ईशा | ₹6,000 | ₹9,000 |
| करण | ₹8,000 | ₹9,000 |
| मीरा | ₹0 | ₹7,500 |
होटल, ट्रेन और खाना मिलाकर ₹30,000 हुए, यानी हर व्यक्ति के ₹7,500। मीरा वॉटर स्पोर्ट्स में नहीं गई, इसलिए ₹4,500 बाक़ी तीनों में बँटे, ₹1,500 हर एक के। अर्जुन को ₹11,500 मिलने हैं; ईशा पर ₹3,000, करण पर ₹1,000 और मीरा पर ₹7,500 बाक़ी हैं। जोड़ शून्य है, और तीन भुगतानों में पूरी ट्रिप का हिसाब बराबर।
एक-एक करके
- ट्रिप की करेंसी चुनिएसारे बैलेंस के लिए एक करेंसी, पहले भुगतान से पहले तय।
- ट्रिप से पहले के ख़र्च भी जोड़िएहोटल, टिकट, एडवांस: सब उसी हिसाब में।
- हर ख़र्च उसी दिन लिखिएरक़म, किसने दिया और ठीक-ठीक कौन शामिल था।
- जो शामिल नहीं था, उसे बाहर रखिएसाझा ख़र्च सिर्फ़ उनमें बँटता है जिन्होंने उसका मज़ा लिया।
- आख़िर में एक बार हिसाब कीजिएहर किसी का बैलेंस निकालिए और जिसे मिलना है उसे कम से कम भुगतानों में दीजिए।
ट्रिप में अक्सर कहाँ गड़बड़ होती है
- कैश भुगतान। यही सबसे ज़्यादा छूटते हैं। फ़ौरन लिख लीजिए, अंदाज़े से ही सही।
- कोई देर से आए या जल्दी लौटे। उसे उन रातों से बाहर रखिए जब वह नहीं था, पूरी ट्रिप से नहीं।
- कार्ड चार्ज और एक्सचेंज रेट। पहले ही तय कर लीजिए कि बैंक चार्ज साझा होंगे या कार्ड चुनने वाले के।
- "बाद में देखेंगे" वाला ढेर। जेब में रखी रसीद तीसरे दिन तक खो जाती है। लिखिए और फेंक दीजिए।
ट्रिप का हिसाब Splendo में रखिए
Splendo साझा ख़र्च लिखने का एक मुफ़्त ऐप है। ट्रिप के लिए एक ग्रुप बनाइए, सबको नाम से जोड़िए, और हर ख़र्च के साथ लिखिए कि किसने दिया और कौन शामिल था। आख़िरी दिन Splendo हर किसी का बैलेंस दिखाता है और बताता है कि किसे किसको देना है। जिन दोस्तों के पास ऐप नहीं है, वे भी ग्रुप में रह सकते हैं।
ब्राउज़र में शुरू कीजिए, न ऐप चाहिए न पासवर्ड, बस ईमेल पर आया एक कोड। या iPhone ऐप इस्तेमाल कीजिए, जो अलग-अलग हिस्सों में भी बाँटता है और दूसरी करेंसी के ख़र्च को उस दिन के रेट पर बदलता है जिस दिन आप उसे लिखते हैं। Splendo सिर्फ़ हिसाब लिखता है; पैसे आप आपस में ख़ुद भेजते हैं।
ट्रिप का हिसाब Splitwise में शुरू कर चुके हैं? Splendo का iPhone ऐप Splitwise ग्रुप का एक्सपोर्ट (CSV) नए ग्रुप के रूप में इम्पोर्ट कर सकता है, बैलेंस के साथ।
